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समकालीन परिदृश्य में लोक भाषाएँ, साहित्य और संस्कृति विषयक संवाद में दिया गया आरंभिक वक्तव्य
राजभवन, सिक्किम, साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली और सिक्किम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में 14 जुलाई, 2025 में दिया गया आरंभिक...

Madhav Hada
Jul 18, 20251 min read


सिद्ध और नाथ साहित्य ने समाज की आलोचना का साहस दिया। माधव हाड़ा
परचर्चा। संयोजक: आदित्यकुमार गिरि । वागर्थ । जुलाई, 2025 सवाल सिद्धों और नाथों के साहित्य से हिंदी साहित्य का आरंभ माना जाता है। क्या...

Madhav Hada
Jul 11, 20256 min read


हमारा प्राचीन साहित्य
आज मुनि जिनविजय की पुण्यतिथि है। प्रस्तुत है उनका एक व्याख्यान मेरे अध्ययन के प्रिय विषय, हमारा प्राचीन इतिहास और भाषा विकास विषयक है।...

Madhav Hada
Jun 3, 20257 min read
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