top of page
Search


भारतीय भक्ति-चेतना : अंतःक्रियाएँ और रूपांतरण
नागरीप्रचारिणीपत्रिका । पुंनर्नवांक : 1 । 2026 भारतीय भक्ति-चेतना के विकास में इसमें होने वाली अंतःक्रियाओं का बहुत महत्त्व है। भारतीय भक्ति-चेतना की कोई प्रवृत्ति, धारा और रूप अपने आरंभ से लगाकर अपने उत्कर्ष तक एकरूप और एकरैखिक कभी नहीं रहे। इन अंतःक्रियाओं के कारण इसमें प्रतिरोध, समाहार, आत्मसातीकरण, समन्वय, एकीकरण जैसी प्रक्रियाएँ चलती रहीं। भक्ति-चेतना के विकास को समझने के लिए इन अंतःक्रियाओं और इनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रेरकों की पहचान और समझ बहुत ज़रूरी है। अभी तक भा

Madhav Hada
Feb 2528 min read
विमर्श के आग्रह और तुलसीदास
मधुमती । मार्च, 2023 तुलसी परंपरा के समर्थन में और उसके साथ हैं, यह बात आजकल उनकी महिमा के क्षरण का कारण बन गयी है। हिंदी में जब से...

Madhav Hada
Apr 3, 202314 min read
bottom of page
