top of page
Search


परंपरा की जगह कभी-कभी खूँटे ले लेते हैं
माधव हाड़ा से पीयूष पुष्पम् का संवाद पाठ। सं. देवांशु। जुलाई-सितंबर, 2024 प्रश्न: आपने शुरुआत तो आधुनिक कविता की आलोचन से की थी। अब आपने...

Madhav Hada
Aug 21, 202422 min read


या भव में मैं बहु दुख पायो- मीरां की यायावरी
कथादेश । यायावर स्त्री । मार्च-अप्रैल, 2024 “सगो सनेही मेरो न कोई, बैरी सकल जहान।” यह पंक्ति निरंतर असुरक्षा और निराश्रय के कारण...

Madhav Hada
Apr 25, 202412 min read


इतिहास बोध का संवर्धन करनेवाली विलक्षण कृति । प्रो कृष्ण मोहन श्रीमाली
है तो चित्तौड़गढ़ और सब गढ़ैया । पर्यटकों और सैलानियों के लिए महान आकर्षण । लगभग बीस वर्षीय नवयुवक के रूप में मैं भी 1966 में वहाँ पहुंचा था...
KM SHRIMALI
Nov 1, 202325 min read
bottom of page
